Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.109.8: यदि मैं अपनी प्रतिज्ञा भंग करने वाला आचरण करूँ, तो मुझे स्वर्ग किस प्रकार मिलेगा और आपने किसकी आचार संहिता बताई है, जिसका मुझे पालन करना पड़ेगा; क्योंकि आपके अनुसार मैं अपने पिता सहित किसी के लिए भी कुछ नहीं हूँ॥8॥ | ramayan सर्ग 2.109: श्रीराम के द्वारा जाबालि के नास्तिक मत का खण्डन करके आस्तिक मत का स्थापन । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि मैं अपनी प्रतिज्ञा भंग करने वाला आचरण करूँ, तो मुझे स्वर्ग किस प्रकार मिलेगा और आपने किसकी आचार संहिता बताई है, जिसका मुझे पालन करना पड़ेगा; क्योंकि आपके अनुसार मैं अपने पिता सहित किसी के लिए भी कुछ नहीं हूँ॥8॥
'If I behave in a way where I break my vows, then by what means will I attain heaven and whose code of conduct have you preached, which I will have to follow; because according to you I am nothing to anyone, including my father.॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥