Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.109.22: पृथ्वी, यश, कीर्ति और धन- ये सभी सत्यवादी पुरुष की प्राप्ति की कामना करते हैं और सभ्य पुरुष सत्य का ही पालन करता है। अतः मनुष्य को सदैव सत्य का ही पालन करना चाहिए ॥ 22॥ | ramayan सर्ग 2.109: श्रीराम के द्वारा जाबालि के नास्तिक मत का खण्डन करके आस्तिक मत का स्थापन । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पृथ्वी, यश, कीर्ति और धन- ये सभी सत्यवादी पुरुष की प्राप्ति की कामना करते हैं और सभ्य पुरुष सत्य का ही पालन करता है। अतः मनुष्य को सदैव सत्य का ही पालन करना चाहिए ॥ 22॥
Earth, fame, glory and wealth - all of them desire to attain a truthful person and a civilized person follows only the truth. Therefore, a man must always follow the truth. ॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥