Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.107.14: 'रघुनंदन! भरतश्रेष्ठ! इस प्रकार समस्त राजर्षियों ने अपने पूर्वजों के उद्धार का निश्चय किया है, अतः प्रभु! आप भी अपने पिता को नरक से बचाइए।' 14॥ | ramayan सर्ग 2.107: श्रीराम का भरत को समझाकर उन्हें अयोध्या जाने का आदेश देना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'रघुनंदन! भरतश्रेष्ठ! इस प्रकार समस्त राजर्षियों ने अपने पूर्वजों के उद्धार का निश्चय किया है, अतः प्रभु! आप भी अपने पिता को नरक से बचाइए।' 14॥
'Ragunandan! Greatest Bharat! In this way all the royal sages have decided for the salvation of their ancestors, hence Lord! You also save your father from hell. 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥