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श्लोक  2.106.29 
अद्यार्य मुदिता: सन्तु सुहृदस्तेऽभिषेचने।
अद्य भीता: पलायन्तु दुष्प्रदास्ते दिशो दश॥ २९॥
 
 
अनुवाद
'आर्य! तुम्हारा राज्याभिषेक सम्पन्न होने पर तुम्हारे मित्र प्रसन्न हों और तुम्हारे उपद्रवी शत्रु भयभीत होकर दसों दिशाओं में भाग जाएँ।
 
'Arya! May your friends be happy after your coronation is complete and may your trouble-causing enemies run away in fear in all ten directions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)