हीनबुद्धिगुणो बालो हीनस्थानेन चाप्यहम्।
भवता च विनाभूतो न वर्तयितुमुत्सहे॥ २४॥
अनुवाद
'मैं बुद्धि और गुण दोनों से रहित हूँ, बालक हूँ और मेरी स्थिति तुमसे बहुत छोटी है; इसलिए मैं तुम्हारे बिना अपना जीवन भी नहीं चला सकता, राज्य का पालन तो दूर की बात है॥ 24॥
'I am devoid of both wisdom and virtue, I am a child and my status is much smaller than yours; therefore I cannot even sustain my life without you, let alone look after the kingdom.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥