श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 106: भरत की पुनः श्रीराम से अयोध्या लौटने और राज्य ग्रहण करने की प्रार्थना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  2.106.13 
अन्तकाले हि भूतानि मुह्यन्तीति पुरा श्रुति:।
राज्ञैवं कुर्वता लोके प्रत्यक्षा सा श्रुति: कृता॥ १३॥
 
 
अनुवाद
‘संसार में एक प्राचीन कथा है कि अन्त में सब प्राणी मोहग्रस्त हो जाते हैं और उनकी बुद्धि नष्ट हो जाती है। ऐसा कठोर कर्म करके राजा दशरथ ने उस कथा की सत्यता सिद्ध कर दी।॥13॥
 
‘There is an ancient legend in the world that in the end all beings are deluded and their intelligence is destroyed. By doing such a harsh deed, King Dasharath proved the truth of that legend.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)