Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.105.35: उन्होंने नाना प्रकार के यज्ञों द्वारा यज्ञपुरुष की आराधना की, प्रचुर सुख भोगे और दीर्घायु प्राप्त की। इसके बाद महाराज यहाँ से स्वर्गलोक चले गए। | ramayan सर्ग 2.105: भरत का श्रीराम को राज्य ग्रहण करने के लिये कहना, श्रीराम का पिता की आज्ञा का पालन करने के लिये ही राज्य ग्रहण न करके वन में रहने का ही दृढ़ निश्चय बताना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन्होंने नाना प्रकार के यज्ञों द्वारा यज्ञपुरुष की आराधना की, प्रचुर सुख भोगे और दीर्घायु प्राप्त की। इसके बाद महाराज यहाँ से स्वर्गलोक चले गए।
'He worshipped the Yagyapurusha through various sacrifices, enjoyed abundant pleasures and attained a long life. After this, the Maharaja went from here to heaven.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥