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ramayan 2.104.20: श्री राम के बाद लक्ष्मण भी उन सब दुःखी माताओं को देखकर दुःखी हो गए और उन्होंने स्नेहपूर्वक धीरे-धीरे उनके चरणों में प्रणाम किया॥ 20॥   |   ramayan सर्ग 2.104: श्रीराम, लक्ष्मण और सीता के द्वारा माताओं की चरणवन्दना तथा वसिष्ठजी को प्रणाम करके श्रीराम आदि का सबके साथ बैठना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 104: श्रीराम, लक्ष्मण और सीता के द्वारा माताओं की चरणवन्दना तथा वसिष्ठजी को प्रणाम करके श्रीराम आदि का सबके साथ बैठना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  2.104.20 
सौमित्रिरपि ता: सर्वा मातॄ: सम्प्रेक्ष्य दु:खित:।
अभ्यवादयदासक्तं शनै रामादनन्तरम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
श्री राम के बाद लक्ष्मण भी उन सब दुःखी माताओं को देखकर दुःखी हो गए और उन्होंने स्नेहपूर्वक धीरे-धीरे उनके चरणों में प्रणाम किया॥ 20॥
 
After Shri Ram, Lakshman too became sad on seeing all those distressed mothers and he affectionately and slowly bowed down at their feet.॥ 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)