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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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सर्ग 103: श्रीराम आदि का विलाप, पिता के लिये जलाञ्जलि-दान, पिण्डदान और रोदन
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श्लोक 16
श्लोक
2.103.16
ततो बहुगुणं तेषां बाष्पं नेत्रेष्वजायत।
तथा ब्रुवति काकुत्स्थे कुमाराणां यशस्विनाम्॥ १६॥
अनुवाद
जब श्री रामजी ने ऐसा कहा, तब उन सब तेजस्वी पुत्रों की आँखों में आँसू भर आए ॥16॥
When Sri Rama said this, tears welled up in the eyes of all those illustrious sons. ॥16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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