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स्त्रिया नियुक्त: कैकेय्या मम मात्रा परंतप।
चकार सा महत्पापमिदमात्मयशोहरम्॥ ६॥
अनुवाद
हे शत्रुओं को संताप देने वाले रघुनन्दन के पुत्र! पिता जी को अपनी पत्नी और मेरी माता कैकेयी के उकसाने पर ऐसा कठोर कर्म करना पड़ा। मेरी माता ने घोर पाप किया है, जिससे उनकी कीर्ति नष्ट हो गई है॥6॥
'O son of Raghunandan, who torments the enemies! Father was compelled to do such a harsh deed due to the instigation of his wife and my mother Kaikeyi. My mother has committed a grave sin which has destroyed her good reputation.॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥