तेषां गुप्तिपरीहारै: कच्चित् ते भरणं कृतम्।
रक्ष्या हि राज्ञा धर्मेण सर्वे विषयवासिन:॥ ४८॥
अनुवाद
‘उन वैश्यों को उनकी मनोकामनाओं की प्राप्ति में सहायता करके तथा उनके दोषों को दूर करके आप उनका पालन-पोषण करते हैं न? क्योंकि राजा को अपने राज्य में रहने वाले सब लोगों का धर्मानुसार पालन करना चाहिए॥ 48॥
‘By helping those Vaishyas to attain their desires and by removing their evils, you provide for them, don’t you? Because a king must take care of all the people living in his kingdom according to Dharma.॥ 48॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥