श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 10: राजा दशरथ का कैकेयी के भवन में जाना, उसे कोपभवन में स्थित देखकर दुःखी होना और उसको अनेक प्रकार से सान्त्वना देना  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  2.10.9-10h 
आज्ञाप्य तु महाराजो राघवस्याभिषेचनम्॥ ९॥
उपस्थानमनुज्ञाप्य प्रविवेश निवेशनम्।
 
 
अनुवाद
उधर, राजा दशरथ अपने मंत्रियों आदि को श्री राम के राज्याभिषेक की तैयारी करने का आदेश देकर तथा समय पर उपस्थित होने का आदेश देकर महल में चले गए।
 
On the other hand, King Dasharath went to the palace after ordering his ministers etc. to prepare for Shri Rama's coronation and asking them to be present on time. 9 1/2
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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