Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.1.7: इसका एक और कारण था - वे स्वयं सनातन विष्णु थे और देवताओं की प्रार्थना पर मानव जगत में अवतरित हुए थे, जो सबसे क्रूर रावण को मारना चाहते थे। | ramayan सर्ग 2.1: श्रीराम के सद्गुणों का वर्णन, राजा दशरथ का श्रीराम को युवराज बनाने का विचार । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स हि देवैरुदीर्णस्य रावणस्य वधार्थिभि:।
अर्थितो मानुषे लोके जज्ञे विष्णु: सनातन:॥ ७॥
अनुवाद
इसका एक और कारण था - वे स्वयं सनातन विष्णु थे और देवताओं की प्रार्थना पर मानव जगत में अवतरित हुए थे, जो सबसे क्रूर रावण को मारना चाहते थे।
There was another reason for this - He was the eternal Vishnu himself and had descended into the human world upon the prayers of the gods who desired to kill the most ferocious Ravana.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥