Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.1.38: वह सोचने लगा, 'श्री राम सब लोगों का कल्याण चाहते हैं और सब जीवों पर दया करते हैं। जैसे मेघ संसार में वर्षा करते हैं, वैसे ही वे मुझे मुझसे भी अधिक प्रिय हो गए हैं।' | ramayan सर्ग 2.1: श्रीराम के सद्गुणों का वर्णन, राजा दशरथ का श्रीराम को युवराज बनाने का विचार । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह सोचने लगा, 'श्री राम सब लोगों का कल्याण चाहते हैं और सब जीवों पर दया करते हैं। जैसे मेघ संसार में वर्षा करते हैं, वैसे ही वे मुझे मुझसे भी अधिक प्रिय हो गए हैं।'
He started thinking, 'Shri Ram wishes for the prosperity of all people and has compassion on all living beings. Like the clouds that bring rain to the world, he has become dearer to me than even I. 38.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥