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अथ राज्ञो बभूवैव वृद्धस्य चिरजीविन:।
प्रीतिरेषा कथं रामो राजा स्यान्मयि जीवति॥ ३६॥
अनुवाद
उन दीर्घायु वृद्ध राजा दशरथ के हृदय में यह चिंता थी कि उनके जीते जी श्री रामचन्द्र कैसे राजा बनें और उनके राज्याभिषेक से मुझे यह सुख कैसे प्राप्त हो?
There was a worry in the heart of that long-lived old king Dasharatha that how should Shri Ramchandra become the king during his lifetime and how should I be able to get this happiness from his coronation. 36॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥