Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.1.20: भरत के बड़े भाई श्री राम सम्पूर्ण विद्याओं के अध्ययन में निपुण थे और छहों अंगों सहित सम्पूर्ण वेदों के सच्चे ज्ञाता थे। धनुर्विद्या में तो वे अपने पिता से भी श्रेष्ठ थे। 20॥ | ramayan सर्ग 2.1: श्रीराम के सद्गुणों का वर्णन, राजा दशरथ का श्रीराम को युवराज बनाने का विचार । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सर्वविद्याव्रतस्नातो यथावत् साङ्गवेदवित्।
इष्वस्त्रे च पितु: श्रेष्ठो बभूव भरताग्रज:॥ २०॥
अनुवाद
भरत के बड़े भाई श्री राम सम्पूर्ण विद्याओं के अध्ययन में निपुण थे और छहों अंगों सहित सम्पूर्ण वेदों के सच्चे ज्ञाता थे। धनुर्विद्या में तो वे अपने पिता से भी श्रेष्ठ थे। 20॥
Bharat's elder brother Shri Ram was an expert in the study of complete knowledge and was a true knowledge of the entire Vedas including its six parts. He was even better than his father in archery. 20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥