Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.9.9-11h: राजा रोमपाद भी वर्षा के रुक जाने से अत्यन्त दुःखी होंगे। वे शास्त्रों के ज्ञान में पारंगत ब्राह्मणों को बुलाकर कहेंगे, 'हे ब्राह्मणो! आप सभी लोग वेद और शास्त्रों के अनुसार कर्म करते हैं और लोगों के आचरण और विचारों को जानते हैं; अतः आप कृपा करके मुझे ऐसा नियम बताइए, जिससे मैं अपने पापों का प्रायश्चित कर सकूँ।' ॥9-10 1/2॥ | ramayan सर्ग 1.9: सुमन्त्र का दशरथ को ऋष्यशृंग मुनि को बुलाने की सलाह और शान्ता से विवाह का प्रसंग सुनाना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा रोमपाद भी वर्षा के रुक जाने से अत्यन्त दुःखी होंगे। वे शास्त्रों के ज्ञान में पारंगत ब्राह्मणों को बुलाकर कहेंगे, 'हे ब्राह्मणो! आप सभी लोग वेद और शास्त्रों के अनुसार कर्म करते हैं और लोगों के आचरण और विचारों को जानते हैं; अतः आप कृपा करके मुझे ऐसा नियम बताइए, जिससे मैं अपने पापों का प्रायश्चित कर सकूँ।' ॥9-10 1/2॥
King Romapada will also be very sad due to the cessation of rains. He will call the Brahmins who are well versed in the knowledge of scriptures and will say, 'O Brahmins! You all perform actions according to the Vedas and scriptures and know the behavior and thoughts of people; hence, kindly tell me a rule by which I can atone for my sins.' ॥ 9-10 1/2 ॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥