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तदहं यष्टुमिच्छामि शास्त्रदृष्टेन कर्मणा।
कथं प्राप्स्याम्यहं कामं बुद्धिरत्रविचिन्त्यताम्॥ ९॥
अनुवाद
मैं इस यज्ञ को शास्त्रविधि के अनुसार करना चाहता हूँ; अतः मुझे जो अभीष्ट है, वह मुझे कैसे प्राप्त होगा? इस विषय में आप सब लोग यहाँ विचार करें।॥9॥
'I wish to perform this yajna according to the prescribed method of scriptures; therefore, how will I obtain what I desire? You all may discuss this here.'॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥