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ramayan 1.8.23-24h: वहाँ जाकर राजा ने अपनी प्रिय पत्नियों से कहा - 'देवियो! दीक्षा लो। मैं पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ करूँगा।'   |   ramayan सर्ग 1.8: राजा दशरथ का पुत्र के लिये अश्वमेधयज्ञ का प्रस्ताव और मन्त्रियों तथा ब्राह्मणों द्वारा उनका अनुमोदन   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 8: राजा दशरथ का पुत्र के लिये अश्वमेधयज्ञ का प्रस्ताव और मन्त्रियों तथा ब्राह्मणों द्वारा उनका अनुमोदन  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  1.8.23-24h 
तत: स गत्वा ता: पत्नीर्नरेन्द्रो हृदयंगमा:॥ २३॥
उवाच दीक्षां विशत यक्ष्येऽहं सुतकारणात्।
 
 
अनुवाद
वहाँ जाकर राजा ने अपनी प्रिय पत्नियों से कहा - 'देवियो! दीक्षा लो। मैं पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ करूँगा।'
 
Going there the king said to his beloved wives - 'Ladies! Take initiation. I will perform a sacrifice for a son.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)