Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.8.20-21h: इसी प्रकार वे सभी धर्मज्ञ ब्राह्मण, महाराज दशरथ को बधाई देकर और उनकी अनुमति लेकर, जिस मार्ग से आये थे, उसी मार्ग से वापस लौट गये। | ramayan सर्ग 1.8: राजा दशरथ का पुत्र के लिये अश्वमेधयज्ञ का प्रस्ताव और मन्त्रियों तथा ब्राह्मणों द्वारा उनका अनुमोदन । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तथा द्विजास्ते धर्मज्ञा वर्धयन्तो नृपोत्तमम्॥ २०॥
अनुज्ञातास्तत: सर्वे पुनर्जग्मुर्यथागतम्।
अनुवाद
इसी प्रकार वे सभी धर्मज्ञ ब्राह्मण, महाराज दशरथ को बधाई देकर और उनकी अनुमति लेकर, जिस मार्ग से आये थे, उसी मार्ग से वापस लौट गये।
In the same way all those Brahmins who were well versed in Dharma, after congratulating the great king Dasaratha and taking his permission, returned back the same way as they had come.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥