Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.8.11-13h: तब वे सभी बहुत प्रसन्न हुए और राजा दशरथ से बोले- 'महाराज! यज्ञ की सामग्री एकत्रित कर ली जाए। यज्ञ के घोड़े को संसार में विचरण करने के लिए छोड़ दिया जाए और सरयू नदी के उत्तरी तट पर यज्ञ स्थल का निर्माण कराया जाए। यज्ञ से आपको अपनी इच्छानुसार पुत्र की प्राप्ति होगी; क्योंकि आपके हृदय में पुत्र प्राप्ति के लिए ऐसी धार्मिक बुद्धि उत्पन्न हुई है।' | ramayan सर्ग 1.8: राजा दशरथ का पुत्र के लिये अश्वमेधयज्ञ का प्रस्ताव और मन्त्रियों तथा ब्राह्मणों द्वारा उनका अनुमोदन । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब वे सभी बहुत प्रसन्न हुए और राजा दशरथ से बोले- 'महाराज! यज्ञ की सामग्री एकत्रित कर ली जाए। यज्ञ के घोड़े को संसार में विचरण करने के लिए छोड़ दिया जाए और सरयू नदी के उत्तरी तट पर यज्ञ स्थल का निर्माण कराया जाए। यज्ञ से आपको अपनी इच्छानुसार पुत्र की प्राप्ति होगी; क्योंकि आपके हृदय में पुत्र प्राप्ति के लिए ऐसी धार्मिक बुद्धि उत्पन्न हुई है।'
Then all of them became very happy and said to King Dasharath- 'Maharaj! Let the materials for the sacrifice be collected. Let the sacrifice horse be released to roam the world and let the place for the sacrifice be constructed on the northern bank of the river Sarayu. You will get a son through the sacrifice as per your wish; because such religious wisdom has arisen in your heart for a son.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥