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ramayan 1.77.24-25h: राजा के चारों पुत्रों में वीर श्री राम ही संसार में सबसे अधिक प्रसिद्ध और महान् गुणवान हुए - जैसे सम्पूर्ण भूतों में स्वयंभू ब्रह्मा सबसे अधिक प्रसिद्ध और महान् गुणवान हैं ॥24 1/2॥   |   ramayan सर्ग 1.77: राजा दशरथ का पुत्रों और वधुओं के साथ अयोध्या में प्रवेश, सीता और श्रीराम का पारस्परिक प्रेम   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.77.24-25h 
तेषामतियशा लोके राम: सत्यपराक्रम:॥ २४॥
स्वयंभूरिव भूतानां बभूव गुणवत्तर:।
 
 
अनुवाद
राजा के चारों पुत्रों में वीर श्री राम ही संसार में सबसे अधिक प्रसिद्ध और महान् गुणवान हुए - जैसे सम्पूर्ण भूतों में स्वयंभू ब्रह्मा सबसे अधिक प्रसिद्ध और महान् गुणवान हैं ॥24 1/2॥
 
Among the four sons of the king, only the valiant Shri Ram became the most famous and of great virtue in the world - just as among all the ghosts, the self-sufficient Brahma is the most famous and of great virtue. 24 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)