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ramayan 1.77.23-24h: राजा दशरथ, वेदान्त ब्राह्मण और वैश्य लोग उनके आचरण से बहुत प्रसन्न हुए; उस राज्य के भीतर रहने वाले सभी लोग श्री राम के उत्तम आचरण और अच्छे व्यवहार से बहुत संतुष्ट थे॥23 1/2॥   |   ramayan सर्ग 1.77: राजा दशरथ का पुत्रों और वधुओं के साथ अयोध्या में प्रवेश, सीता और श्रीराम का पारस्परिक प्रेम   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.77.23-24h 
एवं दशरथ: प्रीतो ब्राह्मणा नैगमास्तथा॥ २३॥
रामस्य शीलवृत्तेन सर्वे विषयवासिन:।
 
 
अनुवाद
राजा दशरथ, वेदान्त ब्राह्मण और वैश्य लोग उनके आचरण से बहुत प्रसन्न हुए; उस राज्य के भीतर रहने वाले सभी लोग श्री राम के उत्तम आचरण और अच्छे व्यवहार से बहुत संतुष्ट थे॥23 1/2॥
 
King Dasharatha, Vedanta Brahmins and Vaishya people were very happy with his behaviour; All the people living within that kingdom were very satisfied with the good conduct and good behavior of Shri Ram. 23 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)