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ramayan 1.77.17-18h: दशरथ के ये वचन सुनकर कैकेयी के पुत्र भरत ने शत्रुघ्न के साथ अपने मामा के घर जाने का निश्चय किया।   |   ramayan सर्ग 1.77: राजा दशरथ का पुत्रों और वधुओं के साथ अयोध्या में प्रवेश, सीता और श्रीराम का पारस्परिक प्रेम   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.77.17-18h 
श्रुत्वा दशरथस्यैतद् भरत: कैकयीसुत:॥ १७॥
गमनायाभिचक्राम शत्रुघ्नसहितस्तदा।
 
 
अनुवाद
दशरथ के ये वचन सुनकर कैकेयी के पुत्र भरत ने शत्रुघ्न के साथ अपने मामा के घर जाने का निश्चय किया।
 
On hearing these words from Dashrath, Kaikeyi's son Bharata decided to go to his maternal uncle's place along with Shatrughna. 17 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)