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ramayan 1.76.23: उनके जाते ही समस्त दिशाओं और उपदिशाओं का अंधकार मिट गया। उस समय ऋषियों सहित देवतागण उत्तम आयुधों से सुसज्जित श्री राम की भूरि-भूरि प्रशंसा करने लगे।   |   ramayan सर्ग 1.76: श्रीराम का वैष्णव-धनुष को चढ़ाकर अमोघ बाण के द्वारा परशुराम के तपःप्राप्तपुण्य लोकों का नाश करना तथा परशुराम का महेन्द्र पर्वत को लौट जाना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 76: श्रीराम का वैष्णव-धनुष को चढ़ाकर अमोघ बाण के द्वारा परशुराम के तपःप्राप्तपुण्य लोकों का नाश करना तथा परशुराम का महेन्द्र पर्वत को लौट जाना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  1.76.23 
ततो वितिमिरा: सर्वा दिशश्चोपदिशस्तथा।
सुरा: सर्षिगणा रामं प्रशशंसुरुदायुधम्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
उनके जाते ही समस्त दिशाओं और उपदिशाओं का अंधकार मिट गया। उस समय ऋषियों सहित देवतागण उत्तम आयुधों से सुसज्जित श्री राम की भूरि-भूरि प्रशंसा करने लगे।
 
As soon as he left, the darkness of all directions and sub-directions vanished. At that time, the gods along with the sages started praising Shri Ram profusely who was armed with excellent weapons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)