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ramayan 1.76.22: भगवान राम के द्वारा छोड़े गए बाण से तपस्या द्वारा अर्जित पुण्य लोकों को नष्ट होते देख परशुराम शीघ्र ही उत्तम महेन्द्र पर्वत पर चले गए।   |   ramayan सर्ग 1.76: श्रीराम का वैष्णव-धनुष को चढ़ाकर अमोघ बाण के द्वारा परशुराम के तपःप्राप्तपुण्य लोकों का नाश करना तथा परशुराम का महेन्द्र पर्वत को लौट जाना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 76: श्रीराम का वैष्णव-धनुष को चढ़ाकर अमोघ बाण के द्वारा परशुराम के तपःप्राप्तपुण्य लोकों का नाश करना तथा परशुराम का महेन्द्र पर्वत को लौट जाना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.76.22 
स हतान् दृश्य रामेण स्वाँल्लोकांस्तपसार्जितान्।
जामदग्न्यो जगामाशु महेन्द्रं पर्वतोत्तमम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
भगवान राम के द्वारा छोड़े गए बाण से तपस्या द्वारा अर्जित पुण्य लोकों को नष्ट होते देख परशुराम शीघ्र ही उत्तम महेन्द्र पर्वत पर चले गए।
 
Seeing the virtuous worlds, which he had earned through austerities, destroyed by the arrow shot by Lord Rama, Parasurama quickly went to the excellent Mahendra mountain.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)