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ramayan 1.76.20: हे उत्तम व्रत का पालन करने वाले श्री राम, अब आप अपना अतुलनीय बाण छोड़िए; उसके छूटने पर ही मैं महान महेन्द्र पर्वत पर जाऊँगा।   |   ramayan सर्ग 1.76: श्रीराम का वैष्णव-धनुष को चढ़ाकर अमोघ बाण के द्वारा परशुराम के तपःप्राप्तपुण्य लोकों का नाश करना तथा परशुराम का महेन्द्र पर्वत को लौट जाना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 76: श्रीराम का वैष्णव-धनुष को चढ़ाकर अमोघ बाण के द्वारा परशुराम के तपःप्राप्तपुण्य लोकों का नाश करना तथा परशुराम का महेन्द्र पर्वत को लौट जाना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  1.76.20 
शरमप्रतिमं राम मोक्तुमर्हसि सुव्रत।
शरमोक्षे गमिष्यामि महेन्द्रं पर्वतोत्तमम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
हे उत्तम व्रत का पालन करने वाले श्री राम, अब आप अपना अतुलनीय बाण छोड़िए; उसके छूटने पर ही मैं महान महेन्द्र पर्वत पर जाऊँगा।
 
'O Sri Ram, the one who observes the best fast, now release your matchless arrow; only after it is released will I go to the great Mahendra mountain.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)