श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 76: श्रीराम का वैष्णव-धनुष को चढ़ाकर अमोघ बाण के द्वारा परशुराम के तपःप्राप्तपुण्य लोकों का नाश करना तथा परशुराम का महेन्द्र पर्वत को लौट जाना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  1.76.10 
गन्धर्वाप्सरसश्चैव सिद्धचारणकिन्नरा:।
यक्षराक्षसनागाश्च तद् द्रष्टुं महदद्भुतम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
उस परम अद्भुत दृश्य को देखने के लिए गंधर्व, अप्सराएं, सिद्ध, चारण, किन्नर, यक्ष, राक्षस और नाग भी वहां पहुंच गए। 10॥
 
Gandharvas, Apsaras, Siddhas, Charans, Kinnars, Yakshas, ​​Rakshasas and Nagas also reached there to see that most wonderful scene. 10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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