श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 73: श्रीराम आदि चारों भाइयों का विवाह  »  श्लोक 18-19h
 
 
श्लोक  1.73.18-19h 
ततो राजा विदेहानां वसिष्ठमिदमब्रवीत्।
कारयस्व ऋषे सर्वामृषिभि: सह धार्मिक॥ १८॥
रामस्य लोकरामस्य क्रियां वैवाहिकीं प्रभो।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् विदेहराज ने वशिष्ठजी से इस प्रकार कहा - 'धर्मात्मा महर्षे! प्रभु! आप ऋषियों को साथ लेकर लोकाभिराम श्री राम का सम्पूर्ण विवाहोत्सव सम्पन्न करें।'
 
Thereafter, Videharaja said to Vashishthaji in this manner – ‘Dharmatma Maharshe! Lord! You take the sages along and conduct the entire marriage ceremony of Lokabhiram Shri Ram. 18 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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