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श्लोक 17
श्लोक
1.73.17
तद् वाक्यं जनकेनोक्तं श्रुत्वा दशरथस्तदा।
प्रवेशयामास सुतान् सर्वानृषिगणानपि॥ १७॥
अनुवाद
राजा जनक ने वशिष्ठ जी के माध्यम से जो कहा था, उसे सुनकर राजा दशरथ अपने पुत्रों और सभी महान ऋषियों को महल में ले आए।
Upon hearing what King Janaka had said through Vasishtha, King Dasharatha then brought his sons and all the great sages into the palace.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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