श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 73: श्रीराम आदि चारों भाइयों का विवाह  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.73.16 
सद्योऽहं त्वत्प्रतीक्षोऽस्मि वेद्यामस्यां प्रतिष्ठित:।
अविघ्नं क्रियतां सर्वं किमर्थं हि विलम्ब्यते॥ १६॥
 
 
अनुवाद
मैं अभी वेदी पर बैठकर आपकी प्रतीक्षा कर रहा हूँ। कृपया सभी कार्य बिना किसी बाधा के पूर्ण करें। आप विलम्ब क्यों कर रहे हैं?॥16॥
 
‘Right now I am sitting on the altar waiting for you. Please complete all the tasks without any hindrance. Why are you delaying?’॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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