| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 1: बाल काण्ड » सर्ग 73: श्रीराम आदि चारों भाइयों का विवाह » श्लोक 13 |
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| | | | श्लोक 1.73.13  | इत्युक्त: परमोदारो वसिष्ठेन महात्मना।
प्रत्युवाच महातेजा वाक्यं परमधर्मवित्॥ १३॥ | | | | | | अनुवाद | | महात्मा वसिष्ठ के ऐसा कहने पर परम उदार, धर्म के अत्यन्त ज्ञाता और परम यशस्वी राजा जनक ने इस प्रकार उत्तर दिया-॥13॥ | | | | When Mahatma Vasishtha said this, the extremely generous, extremely knowledgeable about religion and extremely illustrious King Janaka replied thus -॥ 13॥ | | ✨ ai-generated | | |
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