Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.73.1-2: जिस दिन राजा दशरथ ने अपने पुत्रों के विवाह के लिए उत्तम गौ दान की थी, उसी दिन भरत के मामा केकयराजकुमार युधाजित् वहाँ आये और महाराज को देखकर उनका कुशलक्षेम पूछा और इस प्रकार बोले-॥1-2॥ | ramayan सर्ग 1.73: श्रीराम आदि चारों भाइयों का विवाह । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यस्मिंस्तु दिवसे राजा चक्रे गोदानमुत्तमम्।
तस्मिंस्तु दिवसे वीरो युधाजित् समुपेयिवान्॥ १॥
पुत्र: केकयराजस्य साक्षाद्भरतमातुल:।
दृष्ट्वा पृष्ट्वा च कुशलं राजानमिदमब्रवीत्॥ २॥
अनुवाद
जिस दिन राजा दशरथ ने अपने पुत्रों के विवाह के लिए उत्तम गौ दान की थी, उसी दिन भरत के मामा केकयराजकुमार युधाजित् वहाँ आये और महाराज को देखकर उनका कुशलक्षेम पूछा और इस प्रकार बोले-॥1-2॥
On the day when King Dasharath donated a good cow for the marriage of his sons, Bharata's maternal uncle Kekaya prince Yudhajit arrived there. He saw Maharaja and enquired about his well-being and said thus-॥1-2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥