श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 72: विश्वामित्र द्वारा भरत और शत्रुज के लिये कुशध्वज की कन्याओं का वरण,राजा दशरथ का अपने पुत्रों के मंगल के लिये नान्दीश्राद्ध एवं गोदान करना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  1.72.3 
सदृशो धर्मसम्बन्ध: सदृशो रूपसम्पदा।
रामलक्ष्मणयो राजन् सीता चोर्मिलया सह॥ ३॥
 
 
अनुवाद
'हे राजन! इन दोनों परिवारों के बीच जो धार्मिक सम्बन्ध स्थापित होने जा रहा है, वह एक-दूसरे के लिए सर्वथा उपयुक्त है। सौन्दर्य और तेज की दृष्टि से भी वे समान गुणवान हैं; क्योंकि सीता और उर्मिला दोनों ही श्री राम और लक्ष्मण के लिए उपयुक्त हैं।
 
‘O King! The religious relation that is going to be established between these two families is completely suitable for each other. They are of equal merit in terms of beauty and splendor also; because Sita along with Urmila are suitable for Shri Ram and Lakshman.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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