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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 1: बाल काण्ड
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सर्ग 72: विश्वामित्र द्वारा भरत और शत्रुज के लिये कुशध्वज की कन्याओं का वरण,राजा दशरथ का अपने पुत्रों के मंगल के लिये नान्दीश्राद्ध एवं गोदान करना
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श्लोक 22
श्लोक
1.72.22
गवां शतसहस्रं च ब्राह्मणेभ्यो नराधिप:।
एकैकशो ददौ राजा पुत्रानुद्दिश्य धर्मत:॥ २२॥
अनुवाद
राजा दशरथ ने अपने प्रत्येक पुत्र की भलाई के लिए धार्मिक मानदंडों के अनुसार ब्राह्मणों को एक लाख गायें दान कीं।
King Dasharath, for the well-being of each of his sons, donated one lakh cows to the Brahmins as per the religious norms.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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