Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.72.16: जैसे राजा दशरथ की अयोध्या तुम्हारे लिए है, वैसे ही मेरी मिथिलापुरी भी है। उस पर तुम्हारा पूर्ण अधिकार है, इसमें संशय नहीं; अतः तुम हमें उचित आदेश देते रहो॥16॥ | ramayan सर्ग 1.72: विश्वामित्र द्वारा भरत और शत्रुज के लिये कुशध्वज की कन्याओं का वरण,राजा दशरथ का अपने पुत्रों के मंगल के लिये नान्दीश्राद्ध एवं गोदान करना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे राजा दशरथ की अयोध्या तुम्हारे लिए है, वैसे ही मेरी मिथिलापुरी भी है। उस पर तुम्हारा पूर्ण अधिकार है, इसमें संशय नहीं; अतः तुम हमें उचित आदेश देते रहो॥16॥
‘Just like King Dasharath's Ayodhya is for you, so is my Mithilapuri. You have full right over it, there is no doubt about it; therefore, please continue to give us appropriate orders.'॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥