श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 72: विश्वामित्र द्वारा भरत और शत्रुज के लिये कुशध्वज की कन्याओं का वरण,राजा दशरथ का अपने पुत्रों के मंगल के लिये नान्दीश्राद्ध एवं गोदान करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.72.12 
एकाह्ना राजपुत्रीणां चतसॄणां महामुने।
पाणीन् गृह्णन्तु चत्वारो राजपुत्रा महाबला:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
महामुनि! ये चारों महाबली राजकुमार हमारी चारों राजकुमारियों से एक ही दिन विवाह करें॥12॥
 
‘Mahamuni! These four mighty princes should marry our four princesses on the same day.॥ 12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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