Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.72.11: आपका कल्याण हो। जैसा आप कहते हैं वैसा ही हो। ये दोनों भाई भरत और शत्रुघ्न, जो सदैव साथ रहते हैं, कुशध्वज की इन दोनों पुत्रियों (प्रत्येक की एक-एक) को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करते हैं॥ 11॥ | ramayan सर्ग 1.72: विश्वामित्र द्वारा भरत और शत्रुज के लिये कुशध्वज की कन्याओं का वरण,राजा दशरथ का अपने पुत्रों के मंगल के लिये नान्दीश्राद्ध एवं गोदान करना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आपका कल्याण हो। जैसा आप कहते हैं वैसा ही हो। ये दोनों भाई भरत और शत्रुघ्न, जो सदैव साथ रहते हैं, कुशध्वज की इन दोनों पुत्रियों (प्रत्येक की एक-एक) को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करते हैं॥ 11॥
May you be blessed. May it be as you say. These two brothers Bharata and Shatrughna, who always stay together, accept these two daughters of Kushadhwaj (one of each) as their wives.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥