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ramayan 1.71.24: 'महाबाहो! प्रभु! आज मघा नक्षत्र है। राजन! आज के तीसरे दिन उत्तरा-फाल्गुनी नक्षत्र में वैवाहिक कार्य करें। आज श्री राम और लक्ष्मण के पुनर्जीवन के लिए दान (गौ, भूमि, तिल और स्वर्ण आदि) करना चाहिए; क्योंकि इससे भविष्य में सुख मिलेगा।'   |   ramayan सर्ग 1.71: राजा जनक का अपने कल का परिचय देते हुए श्रीराम और लक्ष्मण के लिये क्रमशः सीता और ऊर्मिला को देने की प्रतिज्ञा करना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 71: राजा जनक का अपने कल का परिचय देते हुए श्रीराम और लक्ष्मण के लिये क्रमशः सीता और ऊर्मिला को देने की प्रतिज्ञा करना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  1.71.24 
मघा ह्यद्य महाबाहो तृतीयदिवसे प्रभो।
फल्गुन्यामुत्तरे राजंस्तस्मिन् वैवाहिकं कुरु।
रामलक्ष्मणयोरर्थे दानं कार्यं सुखोदयम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
'महाबाहो! प्रभु! आज मघा नक्षत्र है। राजन! आज के तीसरे दिन उत्तरा-फाल्गुनी नक्षत्र में वैवाहिक कार्य करें। आज श्री राम और लक्ष्मण के पुनर्जीवन के लिए दान (गौ, भूमि, तिल और स्वर्ण आदि) करना चाहिए; क्योंकि इससे भविष्य में सुख मिलेगा।'
 
'Mahabaho! Lord! Today is Magha Nakshatra. Rajan! On the third day of today, do marital work in Uttara-Phalguni Nakshatra. Today, donations (cow, land, sesame and gold etc.) should be made for the revival of Shri Ram and Lakshman; Because it will give happiness in future. 24॥
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये बालकाण्डे एकसप्ततितम: सर्ग:॥ ७१॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके बालकाण्डमें इकहत्तरवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ७१॥
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)