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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 71: राजा जनक का अपने कल का परिचय देते हुए श्रीराम और लक्ष्मण के लिये क्रमशः सीता और ऊर्मिला को देने की प्रतिज्ञा करना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  1.71.20 
कनीयानेष मे भ्राता अहं ज्येष्ठो महामुने।
ददामि परमप्रीतो वध्वौ ते मुनिपुंगव॥ २०॥
 
 
अनुवाद
'महामुनि! यह मेरा छोटा भाई कुशध्वज है और मैं इसका बड़ा भाई हूँ। मुनिवर! मैं आपको बड़ी प्रसन्नता से दो पुत्रवधुएँ दे रहा हूँ।'
 
‘Mahamuni! This is my younger brother Kushadhwaj and I am his elder brother. Munivar! I am very gladly giving you two daughters-in-law.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)