Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.71.15: 'जब मेरे वृद्ध पिता का देहांत हो गया, तब मैं अपने देवतुल्य भाई कुशध्वज को स्नेहपूर्वक देखता हुआ धर्मानुसार इस राज्य का भार वहन करने लगा॥15॥ | ramayan सर्ग 1.71: राजा जनक का अपने कल का परिचय देते हुए श्रीराम और लक्ष्मण के लिये क्रमशः सीता और ऊर्मिला को देने की प्रतिज्ञा करना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'जब मेरे वृद्ध पिता का देहांत हो गया, तब मैं अपने देवतुल्य भाई कुशध्वज को स्नेहपूर्वक देखता हुआ धर्मानुसार इस राज्य का भार वहन करने लगा॥15॥
'After my old father had passed away, I began to shoulder the burden of this kingdom in accordance with the Dharma, while looking with affection at my god-like brother Kushadhwaj.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥