श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 70: राजा जनक का अपने भाई कुशध्वज को सांकाश्या नगरी से बुलवाना,वसिष्ठजी का श्रीराम और लक्ष्मण के लिये सीता तथा ऊर्मिला को वरण करना  »  श्लोक 42-43
 
 
श्लोक  1.70.42-43 
अम्बरीषस्य पुत्रोऽभून्नहुषश्च महीपति:।
नहुषस्य ययातिस्तु नाभागस्तु ययातिज:॥ ४२॥
नाभागस्य बभूवाज अजाद् दशरथोऽभवत्।
अस्माद् दशरथाज्जातौ भ्रातरौ रामलक्ष्मणौ॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
'अंबरीश के राजा नहुष नाम के एक पुत्र थे। नहुष से ययाति और ययाति से नाभग उत्पन्न हुए। नभग के पास अजा थी। उन्हीं से दशरथ का जन्म हुआ। इन्हीं से महाराज दशरथ, श्री राम और लक्ष्मण इन दोनों भाइयों का जन्म हुआ।॥ 42-43॥
 
‘Ambarish had a son named King Nahush. Nahush had Yayati and Yayati had Nabhag. Nabhag had Aja. Dasharath was born from him. From this Maharaj Dasharath, these two brothers Shri Ram and Lakshman were born.॥ 42-43॥
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