श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 70: राजा जनक का अपने भाई कुशध्वज को सांकाश्या नगरी से बुलवाना,वसिष्ठजी का श्रीराम और लक्ष्मण के लिये सीता तथा ऊर्मिला को वरण करना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  1.70.28 
यस्यैते प्रतिराजान उदपद्यन्त शत्रव:।
हैहयास्तालजङ्घाश्च शूराश्च शशबिन्दव:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
हैहय, तालजंघ और शशबिन्दु इन तीनों वंशों के लोग राजा असित के प्रति शत्रुतापूर्ण हो गये॥ 28॥
 
‘The people of the three dynasties of Haihaya, Talajangha and Shashabindu became hostile towards King Asita.॥ 28॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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