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श्लोक 1.70.25  |
धुन्धुमारान्महातेजा युवनाश्वो महारथ:।
युवनाश्वसुतश्चासीन्मान्धाता पृथिवीपति:॥ २५॥ |
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| अनुवाद |
| 'धुंधूमार से तेजस्वी एवं तेजस्वी महारथी युवनाश्व उत्पन्न हुए। युवनाश्व के पुत्र मान्धाता थे, जो सम्पूर्ण पृथ्वी के स्वामी थे ॥25॥ |
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| 'From Dhundhumara was born the brilliant and brilliant Maharathi Yuvnashwa. Yuvnashwa's son was Mandhata, who was the lord of the entire earth. 25॥ |
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