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श्लोक 1.70.24  |
अनरण्यात् पृथुर्जज्ञे त्रिशङ्कुस्तु पृथोरपि।
त्रिशङ्कोरभवत् पुत्रो धुन्धुमारो महायशा:॥ २४॥ |
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| अनुवाद |
| 'अनरण्य से पृथु और पृथु से त्रिशंकु का जन्म हुआ।' त्रिशंकु का पुत्र प्रसिद्ध धुन्धुमार था। 24॥ |
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| ‘From Anaranya was born Prithu and from Prithu Trishanku was born. Trishanku's son was the famous Dhundhumar. 24॥ |
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