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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 7: राजमन्त्रियों के गुण और नीति का वर्णन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.7.9 
तेषामविदितं किंचित् स्वेषु नास्ति परेषु वा।
क्रियमाणं कृतं वापि चारेणापि चिकीर्षितम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
अपने या शत्रु राजाओं के बारे में उससे कुछ भी छिपा नहीं रहता था। दूसरे राजा क्या कर रहे थे, क्या कर चुके थे और क्या करना चाहते थे - ये सब बातें वह अपने गुप्तचरों के ज़रिए जानता था।
 
Nothing about his own or enemy kings remained hidden from him. What other kings were doing, what they had done and what they wanted to do - he knew all these things through his spies.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)