Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.7.17: अपने गुणों के कारण सभी मंत्री राजा की कृपापात्र थे और गुरु के समान आदरणीय थे। अपने पराक्रम के कारण वे सर्वत्र प्रसिद्ध थे। विदेश में भी लोग उन्हें जानते थे। वे अपनी बुद्धि से सब विषयों पर विचार करके ही निर्णय पर पहुँचते थे॥17॥ | ramayan सर्ग 1.7: राजमन्त्रियों के गुण और नीति का वर्णन । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपने गुणों के कारण सभी मंत्री राजा की कृपापात्र थे और गुरु के समान आदरणीय थे। अपने पराक्रम के कारण वे सर्वत्र प्रसिद्ध थे। विदेश में भी लोग उन्हें जानते थे। वे अपनी बुद्धि से सब विषयों पर विचार करके ही निर्णय पर पहुँचते थे॥17॥
Due to their qualities, all the ministers were in the good books of the king who was respected like a Guru. Due to their prowess, they were famous everywhere. People knew them even in foreign countries. They used to arrive at a decision after thinking about all matters with their intellect.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥