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ramayan 1.69.2: आज हमारे सभी कोषाध्यक्ष बहुत-सा धन लेकर और नाना प्रकार के रत्नों से युक्त होकर विदा हों। उनकी रक्षा का हरसंभव प्रबन्ध किया जाए॥ 2॥   |   ramayan सर्ग 1.69: दल-बल सहित राजा दशरथ की मिथिला-यात्रा और वहाँ राजा जनक के द्वारा उनका स्वागत-सत्कार   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.69.2 
अद्य सर्वे धनाध्यक्षा धनमादाय पुष्कलम्।
व्रजन्त्वग्रे सुविहिता नानारत्नसमन्विता:॥ २॥
 
 
अनुवाद
आज हमारे सभी कोषाध्यक्ष बहुत-सा धन लेकर और नाना प्रकार के रत्नों से युक्त होकर विदा हों। उनकी रक्षा का हरसंभव प्रबन्ध किया जाए॥ 2॥
 
‘Today all our treasurers should go ahead carrying lots of wealth and being filled with various kinds of gems. Every possible arrangement should be made for their protection.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)