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श्लोक  1.68.6 
पृष्ट्वा कुशलमव्यग्रं वैदेहो मिथिलाधिप:।
कौशिकानुमते वाक्यं भवन्तमिदमब्रवीत्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
'इस प्रकार बिना किसी चिंता के आपका कुशलक्षेम पूछने के पश्चात् महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा से मिथिला नरेश विदेहराज ने आपको यह संदेश दिया है।
 
'After inquiring about your well-being in this manner without any anxiety, King of Mithila, Videhraja, has, on the orders of Maharishi Visvamitra, given you this message.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)