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ramayan 1.67.19: धनुष टूटने की भयंकर ध्वनि सुनकर वहाँ खड़े हुए मुनि विश्वामित्र, राजा जनक और रघुकुल के रत्न राम और लक्ष्मण दोनों भाइयों को छोड़कर शेष सब लोग मूर्छित हो गए॥19॥   |   ramayan सर्ग 1.67: श्रीराम के द्वारा धनुर्भंग तथा राजा जनक का विश्वामित्र की आज्ञा से राजा दशरथ को बुलाने के लिये मन्त्रियों को भेजना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.67.19 
निपेतुश्च नरा: सर्वे तेन शब्देन मोहिता:।
वर्जयित्वा मुनिवरं राजानं तौ च राघवौ॥ १९॥
 
 
अनुवाद
धनुष टूटने की भयंकर ध्वनि सुनकर वहाँ खड़े हुए मुनि विश्वामित्र, राजा जनक और रघुकुल के रत्न राम और लक्ष्मण दोनों भाइयों को छोड़कर शेष सब लोग मूर्छित हो गए॥19॥
 
Except the sage Visvamitra, King Janaka and the two brothers Rama and Lakshmana, the jewels of the Raghukul, all the others standing there fell unconscious on hearing the horrific sound of the bow breaking.॥19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)